कोरोनावायरस रोग 2019 (कोविड-19)

संक्षिप्त विवरण – चीन के हुबेई प्रांत के एक शहर वुहान में निमोनिया के कई मामलों का कारण नॉवेल कोरोनावायरस को पाया गया था। यह कोरोनावायरस परिवार से संबंधित गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम कोरोनावायरस 2 (SARS-CoV-2) है। SARS-CoV-2 के कारण होने वाली बीमारी का नाम कोविड–19 रखा गया है। कोरोनावायरस ऐसे वायरस हैं जिसके महत्वपूर्ण रोगजनक मानव और पशु हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोविड-19 को जनवरी 2020 के अंत में सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया था और मार्च 2020 से इसे महामारी घोषित कर दिया गया है।

एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में SARS-CoV-2 का प्रसार मुख्य रूप से श्वसन बूंदों के माध्यम से होता माना जा रहा है, जो इन्फ्लूएंजा के प्रसार तरीकों से मिलता जुलता है। किसी संक्रमित व्यक्ति से यह वायरस खांसी, छींक या बातचीत करने के दौरान बाहर निकलता है और यदि वायरस के साथ छोटी बूंदें दूसरे व्यक्ति के श्लेष्म झिल्ली के साथ सीधे संपर्क बनाती हैं, तब इस वायरस से दूसरा व्यक्ति भी संक्रमित हो सकता है। इसके साथ यह संक्रमण किसी व्यक्ति द्वारा संक्रमित सतह के छूने के बाद उसी हांथों से आंखों, नाक या मुंह को छूने पर भी फ़ैल सकता है। वर्तमान साक्ष्य से पता चलता है कि नॉवेल कोरोनोवायरस विभिन्न सामग्रियों से बने सतहों पर कई घंटों और दिनों तक जीवित रह सकता है।

कोविड-19 के संक्रमित होने के जोखिम कारकों में सीडीसी या विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा निर्धारित कोविड-19 से संक्रमित क्षेत्रों में आवागमन करना और इससे प्रभावित किसी व्यक्ति के साथ निकट संपर्क में आना शामिल है।

इस बीमारी से मध्यम आयु और उससे ज्यादा उम्र के वयस्क सबसे अधिक प्रभावित हैं, हालांकि गंभीर तीव्र श्वसन सिंड्रोम कोरोनावायरस 2 (SARS-CoV-2) से संक्रमण किसी भी उम्र के व्यक्तियों को हो सकता हैं।

बीमारी की गंभीरता की विस्तृत श्रेणी

● सामान्य – ऐसी स्थिति में निमोनिया हो सकता है या नहीं भी हो सकता है।

● गंभीर – सांस की तकलीफ, निमोनिया, 24 से 48 घंटों के भीतर इमेजिंग करने पर 50 प्रतिशत फेफड़ों का काम करना।

● बेहद गंभीर – श्वसन विफलता, सदमा, या विभिन्न अंगों का काम ना करना।

जिन लोगों को इस बीमारी से बहुत अधिक बीमार होने का खतरा होता है, उनमें शामिल हैं – ज्यादा उम्र के व्यक्ति, और वह जिन्हें फेफड़ों की बीमारी, हृदय रोग, मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियाँ हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, हल्के संक्रमण के लिए उबरने का समय लगभग दो सप्ताह और गंभीर बीमारी के लिए तीन से छह सप्ताह तक का है।

लक्षण

वायरस के रोगोद्भवन अवधि (संक्रमण के संपर्क में आने और वायरस के शुरूआती लक्षणों की जानकारी के बीच की अवधि) को संक्रमण में आने के बाद 14 दिनों के भीतर का माना जा रहा है।

जिन लोगों में लक्षण नहीं आ रहे हैं उन्हें भी नोट किया जा रहा है।

सबसे आम लक्षणों में बुखार, खांसी, सांस की तकलीफ शामिल हैं। अन्य लक्षण जो बताए गए हैं उनमें थकान, मांसपेशियों में दर्द, भूख न लगना, सिरदर्द, गले में खराश, नाक बहना, उबकाई, दस्त है।

आपातकालीन चेतावनी के लक्षणों और संकेतों में – साँस लेने में कठिनाई, सीने में लगातार दर्द या दबाव, भ्रम, होंठ या चेहरे का नीलापन – शामिल हैं।
पुराने रोगियों और ऐसे व्यक्ति जिन्हें पहले से अन्य बीमारियाँ हैं या जिसकी रोगों से बचाव की शारीरिक क्षमता कम हैं, उन्हें अपने डॉक्टर से सामान्य लक्षणों के दौरान भी जल्दी संपर्क करना चाहिए।


प्रयोगशाला के निष्कर्ष और रोग की पहचान

● रोग की पहचान लार का नमूना, नाक की झाड़न, और गले की खराश सहित नमूने एकत्र करके उसको परीक्षण के लिए भेजकर की जा सकती है।

● SARS-CoV-2 के आरएनए को पोलीमरेज़ चेन प्रतिक्रिया परीक्षण द्वारा पता लगाया जाता है। संयुक्त राज्य अमेरिका में यह परीक्षण सीडीसी या सीडीसी द्वारा मानित प्रयोगशाला द्वारा किया जा रहा है।

● अन्य प्रयोगशाला निष्कर्षों में शामिल हैं – 

  • कोविड-19 से संक्रमित लोगों में श्वेत रक्त कोशिका की गिनती अलग-अलग हो सकती है।
  • एमिनोट्रांस्फरेज का बढ़ा हुआ स्तर भी नोट किया गया है।
  • एक अध्ययन के अनुसार डी-डायमर का उच्च स्तर और अधिक गंभीर लिम्फोपेनिया (संक्रमण से लड़ने वाले सफेद रक्त कोशिकाओं में कमी) का संबंध मृत्यु दर के साथ पाया गया है।
  • छाती का सीटी स्कैन जांच करने पर फेफड़ों में वायरल निमोनिया जैसी असामान्यता का पता चल सकता हैं।

रोकथाम

● अपने हाथों को अच्छे से धोएं या एक ऐसे हैंड सैनिटाइज़र का उपयोग करें जिसमें कम से कम 60 प्रतिशत अल्कोहल हो, खासकर सार्वजनिक रूप से खुले स्थानों को छूने के बाद।

● खांसी या छींक आने पर टिशू पेपर से ढक कर खांसे या छींकें और इसके बाद टिशू पेपर को बंद डस्टबिन में फेंक दें। इससे बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है।

● चेहरे को छूने से बचें।

● बीमार लोगों से ज्यादा संपर्क में ना आयें। खांसी या छींक से निकलने वाली बूंदें आमतौर पर छह फीट (लगभग दो मीटर) से अधिक दूर नहीं जा पाती है और ना ही ज्यादा देर तक हवा में रह पाती है।

● विशेष रूप से कम हवादार स्थानों में भीड़ से बचें।

● जितना हो सके घर पर रहें।

● लोगों के अक्सर संपर्क में आने वाले वस्तुओं और सतहों को साफ और कीटाणुरहित करना चाहिए। इसमें टेबल, दरवाज़े की कुंडी, लाइट स्विच, काउंटरटॉप्स, हैंडल, डेस्क, मोबाइल, टेलीफोन, कीबोर्ड, शौचालय, नल, सिंक व अन्य ऐसी वस्तुएं शामिल हैं। सीडीसी ने घर को कीटाणुरहित करने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं।

● सीडीसी स्वस्थ लोगों को खुद श्वसन संबंधी बीमारियों से बचने के लिए चेहरे पर मास्क पहनने के लिए हिदायत नहीं देती है। हालांकि, ऐसे व्यक्ति जो घर पर कोविड-19 के संदिग्ध या पहचान किये जा चुके रोगियों की देखभाल कर रहे हैं, उन्हें संक्रमित व्यक्ति के कमरे में चिकित्सा मास्क को अच्छे से कसकर पहनकर जाना चाहिए। यदि आपका डॉक्टर आपको चेहरे पर मास्क पहनने के लिए कहता है, तो ऐसा ज़रूर करें।

● यदि आप नए कोरोनोवायरस मामलों वाले क्षेत्रों में बाजार जा रहे हैं, तो विश्व स्वास्थ्य संगठन की सलाह के अनुसार जीवित जानवरों और सतहों के संपर्क में आने से बचें।

● विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार आपको कच्चे या अधपके मांस या जानवरों के अंगों को भी खाने से बचना चाहिए।

● यदि आप अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, तो जानकारी और सलाह के लिए पहले सीडीसी और डब्ल्यूएचओ की वेबसाइटों की जाँच करें।

● यदि आपको लगता है कि आप SARS-CoV-2 संक्रमण के संपर्क में आ चुके हैं और उसके लक्षण दिखाई दे रहे हैं तो अपने चिकित्सक से संपर्क करें और उन्हें बताएं कि आपको कोविड-19 हो सकता है। आपका डॉक्टर अन्य लोगों को संक्रमित या इसके संपर्क में आने से बचाने के लिए कदम उठाएगा। अपने घर के अन्य लोगों से दूर रहें। पालतू जानवरों और अन्य जानवरों के साथ भी संपर्क में ना आयें।

● यदि आप या आपके परिवार के सदस्यों को इस बीमारी से पीड़ित होने का खतरा अधिक है, तो ये सभी रोकथाम के उपाय अति महत्वपूर्ण हैं।

इलाज

● वर्तमान में कोविड-19 के उपचार के लिए कोई एंटीवायरल दवा नहीं है।

● लक्षणों से राहत के लिए उपचार निर्देशित किया जाता है और इसमें आराम करने की सलाह, तरल पदार्थ का सेवन, दर्द निवारक, खांसी की दवा शामिल हो सकती है।

● हल्के संक्रमण का आमतौर पर घर पर इलाज किया जाता है। हल्के संक्रमण वाले लोगों को घर पर रहना चाहिए और परिवार के सदस्यों सहित अन्य लोगों से खुद को अलग कर लेना चाहिए।

● गंभीर या बेहद गंभीर संक्रमण का उपचार अस्पताल में किया जाता है। गंभीर बीमारी वाले मरीजों को अक्सर ऑक्सीजेनेसन सहायता की आवश्यकता होती है।


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